अभिनेता अर्जुन रामपाल ने, निर्माता के रूप में केवल एक फिल्म डैडी का निर्माण किया था। इस फिल्म की कहानी के सह लेखक भी अर्जुन रामपाल थे। अशीम अहलूवालिया निर्देशित इस फिल्म में अर्जुन रामपाल के अतिरिक्त ऐश्वर्या राजेश, निशिकांत कामत, आनंद इंग्ले, राजेश श्रृंगारपोरे, पूर्णानंद वांडेकर, अनुप्रिया गोयनका, श्रुति बापना, उषा नाइक, श्रीकांत यादव, और दीपक दामले ने अभिनय किया था। यह फिल्म आज के दिन ८ सितम्बर २०१७ को प्रदर्शित हुई थी।
यह फिल्म बनने से पहले ही विवादों में आ गई। कहा
जाता है कि इस फिल्म के फिल्मांकन से पहले, अभिनेता
अर्जुन रामपाल फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर अस्पताल में भर्ती अरुण गवली से मिलने गए
थे । उस समय अरुण गवली जे जे अस्पताल में भर्ती थे। इसके लिए अर्जुन रामपाल की कड़ी
आलोचना हुई थी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि में बनी फिल्म डैडी
राजनीतिक थ्रिलर फिल्म थी। इस फिल्म में अर्जुन रामपाल ने गैंगस्टर से राजनेता बने
अरुण गवली का रियल लाइफ चरित्र किया था।
फिल्म में अपने चरित्र को स्वाभाविक रखने के लिए अर्जुन रामपाल उस दगडी चॉल
में गए और उनके निवासियों से बातचीत की, जहाँ अरुण गवली आजीवन रहे।
फिल्म का शीर्षक गवली या अरुण द डॉन
रखने के स्थान पर डैडी रखे जाने का कारण भी रोचक है। फिल्म को डैडी शीर्षक इसलिए
दिया गया कि अरुण गवली के साथी और प्रशंसक उन्हें डैडी नाम से सम्बोधित करते थे।
अरुण गवली भी स्वयं को डैडी कहलाना पसंद करते थे। इस फिल्म को प्रशंसा अवश्य मिली।
किन्तु, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।
तमिल फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राजेश
ने इस फिल्म में अरुण गवली की पत्नी जुबैदा मुजावर उर्फ़ आशा गवली की भूमिका की थी।
यह फिल्म ऐश्वर्या की पहली हिंदी फिल्म थी।
फिल्म में फरहान अख्तर ने दाऊद
इब्राहिम के चरित्र को परदे पर किया था।
किन्तु, फिल्म में उनके चरित्र को मकसूद नाम दिया गया था। भाग मिल्खा भाग
(२०१३) में ओलिंपिक धावक मिल्खा सिंह के चरित्र के बाद फरहान अख्तर ने दूसरा
वास्तविक चरित्र परदे पर किया था। डैडी में फरहान अख्तर की भूमिका के बारे में
फिल्म के प्रदर्शन से पहले गुप्त रखा गया था।
फिल्म के निर्माता अर्जुन रामपाल ने
फिल्म में 80 के दशक का एहसास लाने के लिए "डांस डांस 1987" का गाना "ज़िंदगी मेरी डांस डांस" चुना। "ज़िंदगी
मेरी डांस डांस" गाने की शूटिंग के दौरान अर्जुन रामपाल ने नताशा स्टेनकोविक
की तुलना जीनत अमान और परवीन बॉबी से की थी।
फिल्म डैडी में, वरिष्ठ
मराठी फिल्म अभिनेत्री उषा नाइक ने अरुण गवली की माँ की भूमिका की थी। इस प्रकार से वह, फिल्म
में अर्जुन रामपाल की माँ बनी थी। हिंदी फिल्म दर्शको ने उषा नाइक को, वी
शांताराम की मराठी हिंदी फिल्म पिंजरा (१९७२) में एक डांसर की भूमिका में पहली बार
देखा था। इस प्रकार से, वह
४५ साल बाद हिंदी दर्शकों के सामने आई थी।
प्रारम्भ में, उषा को फिल्म में केवल बूढी माँ की भूमिका के
लिए ही चुना गया था। किन्तु, बाद में उन्हें युवा भूमिका भी सौंप दी
गई।
डैडी, मराठी
फिल्म अभिनेता नितिन बोडरे की पहली और इकलौती हिंदी फिल्म थी। वह मराठी कॉमेडी दगडी चॉल और दगडी चॉल २ से
प्रसिद्द अभिनेता थे। उन्होंने कुल मिलाकर
ग्यारह फिल्मे और टीवी शो किये। एक अन्य
मराठी फिल्म अभिनेता विद्याधर जोशी की भी यह पहली हिंदी फिल्म थी।
फिल्म डैडी को २१ जुलाई २०१७ को
प्रदर्शित किया जाना था। किन्तु, अरुण
गवली की बेटी गीता गवली ने फिल्म को ८ सितम्बर को प्रदर्शित करने का अनुरोध
किया। क्योंकि, उस
समय अरुण गवली जेल में थे। उनकी पैरोल के लिए अनुरोध किया गया था। अब यह बात दूसरी
है कि अरुण गवली को संजय दत्त के कारण पैरोल नहीं मिल सकी। उस समय संजय दत्त को
बार बार पैरोल स्वीकार किये जाने पर सवाल उठाये जा रहे थे।

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