२७ फरवरी १९८१ को, एक रोमांटिक फिल्म लव स्टोरी प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म के निर्माता तत्कालीन हिंदी फिल्म उद्योग के जुबली कुमार राजेंद्र कुमार थे। उन्होंने यह फिल्म अपने बेटे कुमार गौरव का हिंदी फिल्म उद्योग से परिचय कराने के लिए बनाई थी।
इस फिल्म में कुमार गौरव की नायिका संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित और फिल्म अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित की बहन विजयेता पंडित थी। फिल्म बड़ी हिट साबित हुई थी। इस फिल्म के बाद उस समय के तमाम स्थापित अभिनेताओं के अपने बच्चो को फिल्म अभिनेता- अभिनेत्री बनाने का चलन प्रारंभ हो गया था। अब यह बात दूसरी है कि लव स्टोरी के दोनों युवा कलाकारों का फिल्म जीवन लंबा नहीं चल सका।
इस फिल्म की नायिका विजयेता पंडित पर तो बड़ी बुरी बीती। वह फिल्म में, कुमार गौरव का रोमांस बनी थी। किन्तु, कैमरा के सामने, कुमार गौरव से रोमांस करते करते,वह कुमार से कैमरा के बाहर भी रोमांस करने लगी। यहाँ तक कि फिल्मों में अपना करियर संवारने के स्थान पर वह कुमार घराने की बहु बनने के सपने देखने लगी।
इस रोमांस और विजयेता के इरादों का पता राजेंद्र कुमार को भी चला। वह विजयेता से बहुत नाराज हुए। किन्तु, उन्होंने विजयेता या कुमार गौरव से तो कुछ नहीं कहा, किन्तु विजयेता के फिल्म जीवन को बिलकुल तबाह कर दिया। हिट फिल्म लव स्टोरी की नायिका को नई फिल्म का प्रस्ताव न मिलना आश्चर्य की बात होनी चाहिए। किन्तु, यह आश्चर्य राजेंद्र कुमार ने कर दिखाया। विजयेता को, अगली फिल्म मिलने में चार साल लग गए। उनकी अगली फिल्म मोहब्बत १९८५ में प्रदर्शित हुई। इस बीच उनकी फिल्मे शुरू होती और बंद हो जाती। फिल्म रिहाई और मानसी ऎसी ही फिल्मे थी।
विजयेता पंडित को गायिकी के क्षेत्र में अपना करियर बनाने में अपने परिवार तक का सहारा नहीं मिला। भाई जतिन- ललित ने भी उनकी कोई मदद नहीं की। निर्माताओं से विजयेता की सिफारिश नहीं की। यहाँ तक कि विजयेता का गाया पहला नशा पहला खुमार गीत भी उनसे छीन कर साधना सरगम से गवाया गया। विजयेता की शादी आदेश श्रीवास्तव से हुई थी। किन्तु, आदेश श्रीवास्तव ने भी उनकी कोई मदद नहीं की।
विजयेता पंडित का पारिवारिक जीवन भी दुखद रहा। उनकी बड़ी बहन सुलक्षणा पंडित गहरे अवसाद में चली गई। उनका करियर ख़त्म हो गया। विजयेता की दूसरी बड़ी बहन संध्या अकस्मात् लापता हो गई। वह उस दिन चालिस लाख की ज्वेलेरी ले कर लॉकर में रखवाने निकली थी। उनचास दिनों बाद उनकी सड़ी हुई लाश मिली। इन पारिवारिक आघातों ने विजयेता को तोड़ कर रख दिया।
१९९० में विजयेता का विवाह संगीतकार आदेश श्रीवास्तव से हुआ था। दोनों आपस में बहुत खुश थे। किन्तु, आदेश श्रीवास्तव को कैंसर हो गया। वह लम्बे समय तक कैंसर से जूझते रहे। कैंसर से उबरे. २०१५ में उनका निधन हो गया। तब तक विजयेता का गायिका और अभिनेत्री के रूप में करियर बिलकुल ख़त्म हो चुका था।

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