Tuesday, 2 September 2025

सिंस : चर्च के फादर की पाप कथा !



एक बार फिर, यह नज़दीकियां, एक नया रिश्ता और सच जैसी बोल्ड फिल्मों से विवादित निर्देशक लेखक विनोद पांडेय की २५ फरवरी २००५ को प्रदर्शित फिल्म सिंस (SINS) अर्थात पाप कहीं अधिक विवादित फिल्म थी । विनोद पांडेय की यह पाप कथा इसलिए विवादित हुई कि यह एक चर्च के पादरी की पाप कथा थी। 





१९८८ में केरल के एक चर्च के फादर को एक युवती का यौन शोषण करने के बाद हत्या कर देने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई थी। इस घटना को विनोद पांडेय ने अख़बारों में पढ़ा था।  उसी समय उन्होंने  निर्णय लिया था कि वह केरल के चर्च की घटना को सेलुलॉइड पर उतारेंगे।  इसी सोच का परिणाम थी विनोद पांडेय की लिखी कहानी और उस पर फिल्म सिंस।  





विनोद पांडेय ने फिल्म का नाम सोच समझ कर रखा था।  क्योंकि, वह एक धर्मस्थल के पादरी के कुकर्म को पाप से कम नहीं कहना चाहते थे। अलबत्ता, उन्होंने इस फिल्म को विवादित कर दिया फिल्म के पोस्टरों के माध्यम से।  इन पोस्टरों में पादरी की गोद में लेती युवा स्त्री और उसके खुली पीठ और स्तनों वाले पोस्टर।  इससे कैथोलिक चर्च पर विश्वास करने वाली ईसाई आबादी आंदोलित हो उठी।  वह अदालत तक गए किन्तु, अदालत ने फिल्म को रोकने से इंकार कर दिया।  इस पर फिल्म के छविगृहों के बाहर ईसाई समाज ने धरना प्रदर्शन भी किया। 





विनोद पांडेय ने सिंस कोई १ करोड़ के बजट में बनाया था।  इस फिल्म में फादर विलियम की भूमिका शाइनी आहूजा कर रहे थे। फादर के यौन  शोषण की शिकार रोजमैरी की भूमिका कुवैत में जन्मी और १५ साल की उम्र से अमेरिका में पली बढ़ी अभिनेत्री सीमा रहमानी ने की थी।  सीमा ने फिल्म के सेक्सी दृश्यों के लिए जम कर कामुक दृश्य दिए थे।  इस फिल्म में कामुक दृश्यों की इतनी कहरचा थी कि अधिकतर दर्शक इन्ही दृश्यों के कारण फिल्म देखने गए।  किन्तु, जब उन्हें फिल्म में अपेक्षाकृत वैसा कुछ नहीं मिला तो उन्हें घोर निराशा हुई।  परिणामस्वरूप सिंस बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप घोषित की गई।





यद्यपि, विनोद पांडेय ने फिल्म सिंस की कहानी लिख ली थी तथा सितारे और बजट भी तय कर लिए थे। किन्तु, उन्हें  थोड़ा संदेह था।  इसलिए वह इस फिल्म की स्क्रिप्ट के साथ यश चोपड़ा के पास गए।  यश चोपड़ा ने फिल्म की स्क्रिप्ट अपने पास रख ली। दस दिनों बाद, यश चोपड़ा ने विनोद पांडेय को बताया कि फिल्म की पटकथा उनके बेटे आदित्य को बहुत पसंद आई है।  उन्होंने विनोद को आश्वासन दिया कि वह फिल्म को पूरी  दुनिया में प्रदर्शित करेंगे।





विनोद पांडेय ने, सिंस को अंग्रेजी में बनाया था। क्योंकि, वह फिल्म को विश्व के दर्शकों के लिए प्रदर्शित करना चाहते थे।  क्योंकि, वह जानते थे कि गैर अंग्रेजी भाषी इस फिल्म को बोल्ड फिल्म बता देगा।





विनोद पांडेय को इस फिल्म को प्रमाण पत्र दिलाने के लिए अपीलेट ट्रिब्यूनल के पास जाना पड़ा।  क्योंकि, उन्हें नहीं लगता था कि फिल्म में कोई नग्नता है।  आश्चर्य की बात यह थी कि सीमा रहमानी की खुली पीठ से आंदोलित पुरुषों के बीच दो महिला जूरी ने फिल्म के पक्ष में वोट किया था।  

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