Sunday, 28 September 2025

#DeepikaPadukone के करियर पर भारी पड़ेंगे यह नखरे !



बुद्धवार १८ सितम्बर २०२५ को, निर्माता वैजयंती मूवीज ने सोशल मीडिया पर निम्न घोषणा की- आधिकारिक तौर पर घोषणा की जाती है कि दीपिका पादुकोण  कल्कि २८९८एडी के आगामी सीक्वल का हिस्सा नहीं होंगी। काफ़ी विचार-विमर्श के बाद, हमने अलग होने का फ़ैसला किया है। पहली फ़िल्म बनाने के लंबे सफ़र के बावजूद, हम कोई साझेदारी नहीं कर पाए। और कल्कि २८९८ एडी जैसी फ़िल्में उस प्रतिबद्धता और उससे भी कहीं ज़्यादा की हक़दार हैं (जो फिल्म को मिलनी चाहिए)। हम उनके भविष्य के काम के लिए उन्हें शुभकामनाएँ देते हैं।




प्रभास की दो फिल्मों से बाहर - नाग आश्विन निर्देशित कल्कि २८९८ एडी की सीक्वल फिल्म, दक्षिण की दूसरी फिल्म है, जिससे दीपिका पादुकोण को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। इससे पहले दीपिका पादुकोण को, संदीप रेड्डी वंगा की प्रभास के साथ फिल्म स्पिरिट से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।  मई २०२५ में, दीपिका पादुकोण को स्पिरिट से बाहर का रास्ता कथित रूप से क्रिएटिव डिफरेंस की वजह से दिखाया गया बताया गया था इस प्रकार से दीपिका पादुकोण, प्रभास की दो फिल्मों से चंद महीनों के अन्दर बाहर की जा चुकी है।





अनावश्यक मांगें - वास्तविकता यह है कि दीपिका पादुकोण को उनके नखरों और अनावश्यक मांगों के कारण बाहर का रास्ता दिखाया गया। जो उनकी फिल्म के प्रति प्रतिबद्धता नहीं दर्शाती थी। बताते है कि दीपिका पादुकोण ने अपनी टीम के २५ सदस्यों को पांच सितारा आवास और भोजन की व्यवस्था करने के लिए कहा था। उन्होंने अपनी फीस में भी २५ प्रतिशत की वृद्धि की मांग की थी। सबसे बड़ी बात वह एक दिन में केवल सात घंटे की शिफ्ट में ही शूटिंग करना चाहती थी। कल्कि की टीम ने उन्हें अधिक काम के घंटों के बदले लक्ज़री वैनिटी वैन देने का प्रस्ताव किया था। किन्तु, दीपिका सात घंटों की शिफ्ट पर ही कायम रही।




फिल्मों की अनिवार्यता क्यों ! - दीपिका पादुकोण की दृष्टि से देखें तो उनकी सात घंटे की शिफ्ट की मांग उचित लगती है। क्योंकि, वह विगत वर्ष सितम्बर में एक बेटी की माँ बनी है। बच्ची अभी छोटी है, इसलिए उसे माँ की आवश्यकता स्वभाविक है। किन्तु, ऐसी स्थिति में फिल्मों से करोड़ों कमा चुकी दीपिका को दो तीन साल तक फिल्मों  से दूर हो जाना चाहिए था।  फिल्मे करते रहने की ऐसी अनिवार्यता क्यों ?





प्रतिबद्धता की आवश्यकता - दीपिका की दृष्टि से सात घंटों की शिफ्ट उचित हो सकती है, किन्तु, कल्कि २८९८ एडी की सीक्वल निर्माता कंपनी के लिए विल्कुल अनुचित है। यह फिल्म बड़े बजट की बड़ी फिल्म है। निर्माता वैजयंती फिल्म्स अपनी सीक्वल फिल्म की शूटिंग इस साल के अंत तक पूरी कर लेना चाहते है। दीपिका पादुकोण की सात घंटों की शिफ्ट से इसका पूरा होना संभव नहीं था । इसके अतिरिक्त छोटी बच्ची का मामला फिल्म के शूटिंग कार्यक्रम में बाधा बन सकता है।




इतनी फीस क्यों ? - दीपिका पादुकोण की दूसरी मांगे भी निर्माताओं को रास नहीं आई। दीपिका अपनी फीस में २५ प्रतिशत की वृद्धि के साथ साथ प्रॉफिट शेयरिंग भी चाहती थी। ऎसी मांग फिल्म के नायक प्रभास ने भी नहीं की थी। दीपिका पादुकोण किस कोण से स्वयं को प्रभास से बड़ा सितारा समझ रही थी। प्रभास की हिंदी पेटी में भी, दीपिका से अधिक प्रशंसकों की भीड़ है। वह भी, अपनी पूरे विश्व में फैली प्रशंसकों की संख्या के आधार पर फीस वृद्धि की मांग कर सकते थे।





आमिर खान की निंदा - अपने भारी भरकम स्टाफ को पांच सितारा आवास और भोजन व्यवस्था की माँग भी जायज नहीं कही जा सकती। दक्षिण के निर्माता अपने सितारों को सभी सुविधा उपलब्ध कराते है। किसी अभिनेता और अभिनेत्री को अपना स्टाफ लाने की आवश्यकता नहीं होती। किन्तु, दीपिका अपने स्टाफ पर भी कोई समझौता नहीं करना चाहती थी। यहाँ स्मरण रहे कि अभिनेता आमिर खान ने बॉलीवुड के सितारों की ऎसी मांगों की निंदा की है। इसे उचित नहीं माना है।





असफलता को भूली, सफलता पर फूलीं - ऐसा प्रतीत होता है कि दीपिका पादुकोण, अपनी शाहरुख़ खान के साथ २०२३ में प्रदर्शित दो फिल्मों पठान और जवान की हजार करोडिया सफलता का सेहरा अपने सर बांध रही है। किन्तु, वह भूल जाती है कि उन्होंने पद्मावत (२०१८) के बाद लगातार छपाक, ८३, गहराइयाँ, ब्रह्मास्त्र पार्ट १ और सर्कस जैसी फ्लॉप फिल्मों में नायिका की या मेहमान भूमिका की है। यदि दीपिका पादुकोण का स्टारडम इतना तगड़ा होता तो हृथिक रोशन के  साथ फाइटर को बड़ी हिट हो जाना चाहिए था। बजट की दृष्टि से ३७५ करोड़ में बनी सिंघम अगेन को भी ३८९ करोड़ के ग्रॉस पर ही नहीं रुक जाना चाहिए था। यदि वह कल्कि २८९८ एडी की सुपरहिट सफलता में सहयोगी होती तो उन्हें इसके सीक्वल से निकाला जाना संभव नहीं था।





एटली की फिल्म पर अफवाहें - स्पिरिट और कल्कि २८९८ एडी के सीक्वल से निकाले जाने के बाद, दीपिका पादुकोण को एटली की अल्लू अर्जुन के साथ फिल्म से भी बाहर निकाले जाने की हवा बहने लगी है। यद्यपि, यह सत्य समाचार प्रतीत नहीं होता। क्योंकि, एटली दीपिका के साथ जवान फिल्म कर चुके है। पर इसे दीपिका पादुकोण को चेतावनी समझा जाना चाहिए। यदि उन्हें माँ बनने के बाद भी फिल्मो में सक्रिय रहना है तो आलिया भट्ट से कोचिंग लेनी चाहिए। उन्हें आलिया से सीखना चाहिए कि २०२२ में माँ बनाने के बाद भी उनकी रॉकी और रानी की प्रेम कहानीहॉलीवुड फिल्म हार्ट ऑफ़ स्टोन, जिगरा और अब २०२५ में अल्फा कैसे शूट हुई होंगी।

पहले स्पिरिट और अब कल्कि २८९८ एडी की सीक्वल फिल्म से निकाल बाहर किये जाने के बाद, दीपिका पादुकोण ऐसा जताना चाहती हैं कि उन्हें इससे कोई अंतर नहीं पड़ा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर, अपनी शाहरुख़ खान के साथ फिल्म किंग के शूट में सम्मिलित होने की घोषणा की। क्या शाहरुख़ खान के साथ छठी फिल्म की नायिका बन कर खुश दीपिका पादुकोण को यह तेवर भारी नहीं पड़ेंगे ? 

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