Tuesday, 9 September 2025

'नक्शा', सनी देओल और विवेक ओबेरॉय का करियर बिगाड़ने वाली फिल्म



इस समय, बॉलीवुड और कॉलीवूड, महाभारत और रामायण के चरित्रों और प्रतीकों पर फिल्म बनाने की  भागदौड़ में है।  बॉलीवुड से, जहाँ नीतिश तिवारी की तीन भागों में बनाई  जाने वाली फिल्म रामायण पर्याप्त चर्चित हो रही है। वहीँ, कॉलीवूड से फिल्म सूर्यपुत्र महावीर कर्ण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।  यह फिल्म पूरी तरह से महाभारत के  कर्ण पर केंद्रित होगी। स्पष्ट रूप से, फिल्म सूर्यपुत्र महावीर कर्ण में, इंद्रदेव द्वारा कर्ण के कवच कुण्डल भिक्षा में मांग लेने का चित्रण भी होगा।  क्योंकि, इन अलौकिक और अजेय कवच कुण्डलों के रहते कर्ण को मारा नहीं जा सकता था। 





क्या बॉलीवुड कोई ऐसी फिल्म बनाएगा, जिसमे कर्ण के कवच कुण्डलों की महिमा का चित्रण हो? यह प्रश्न अभी अनुत्तरित है। किन्तु, २००६ में, कर्ण के कवच और कुण्डलों की खोज पर एक फिल्म नक्शा बनाई जा चुकी है। यद्यपि, इस फिल्म का पहले नाम खोज ही रखा गया था।  किन्तु, बाद में इसे नक्शा शीर्षक दे दिया गया। 





नक्शा : अनलॉक द मिस्ट्री का निर्माण अक्षय बजाज ने किया था और निर्देशक सचिन बजाज थे।  सचिन बजाज, फिल्म वितरक तोलू बजाज के बेटे थे।  किन्तु, नक्शा के बाद उनकी कोई भी फिल्म प्रदर्शित नहीं हो सकी। नक्शा में सनी देओल और विवेक ओबेरॉय सौतेले भाइयों की भूमिका कर रहे थे।  समीरा रेड्डी ने विवेक की प्रेमिका की भूमिका की थी। फिल्म के खलनायक जैकी श्रॉफ थे।  अन्य भूमिकाएं सुहासिनी मुले, नवनी परिहार, आदि की थी। 





यह फिल्म निर्देशक सचिन बजाज की पहली और अंतिम फिल्म भी थी। नक्शा का बजट २२ करोड़ का था। किन्तु, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मात्र ६.६१ करोड़ ही बटोर सकी। इस प्रकार से नक्शा डिजास्टर फिल्म साबित हुई। 





फिल्म में अनिल कपूर की आवाज में नक्शा का नक्शा खींचा गया है कि कैसे इंद्रदेव ने, कारण के कवच और कुण्डल प्राप्त का हिमालय में किसी गुफा में छुपा दिया था और इन कवच कुण्डलों को आज भी खोजा जा रहा है। नक्शा में इन कवच कुण्डलों की खोज जैकी श्रॉफ का खलनायक बाली अमर होने के लिए खोज रहा है। वही सनी देओल और विवेक ओबेरॉय के चरित्र अपने पिता की अंतिम खोज पूरी करने के लिए इन कवच कुण्डलों के पीछे है।  





निर्देशक सचिन बजाज, सनी देओल, विवेक ओबेरॉय और समीरा रेड्डी फिल्म नक्शा में पहली और अंतिम बार एक साथ आये थे।  यद्यपि, सनी देओल, विवेक ओबेरॉय और समीरा रेड्डी २००७ में प्रदर्शित कॉमेडी फिल्म फूल एंड फाइनल में एक साथ थे। इसके बाद, इन तीनों की भी कोई फिल्म एक साथ नहीं आई। 




जैकी श्रॉफ फिल्म नक्शा में खल भूमिका कर रहे थे। वह दूसरी बार सनी के विरुद्ध खल चरित्र कर रहे थे।  इससे पहले वह २००१ में प्रदर्शित सनी देओल की फिल्म फर्ज में भी खलनायक का फ़र्ज़ निभा रहे थे।





नक्शा की कहानी हैरिसन फोर्ड की इंडियाना जोंस एंड लास्ट क्रूसेड और ड्वेन जॉनसन की फिल्म रनडाउन की घालमेल बताई जाती है। विशेष रूप से फिल्म के जंगल के दृश्य और गुफा में जाने के दृश्य इन दोनों फिल्मों की भद्दी नक़ल लगते थे। 





नक्शा की पहली पसंद जैकी श्रॉफ और विवेक ओबेरॉय नहीं थे। उनसे पहले संजय दत्त को जैकी की भूमिका और विवेक भूमिका के लिए अभिषेक बच्चन से बात की गई थी। किन्तु, इन लोगों द्वारा फिल्म बाद में छोड़ देने के बाद, इन्हे जैकी और विवेक को सौंप दिया गया। इसी प्रकार से समीरा रेड्डी से पहले अमृता राव को फिल्म की नायिका बनाया गया था। किन्तु, वह विवाह की शूटिंग में व्यस्त होने के कारण फिल्म नहीं कर सकी। 





यद्यपि, फिल्म नक्शा खराब लिखी गई और अभिनीत फिल्म थी। किन्तु, निर्माता अपनी फिल्म की असफलता के लिए संजय दत्त की कॉमेडी फिल्म लगे रहो मुन्ना भाई की आड़ लेते है।  जब, ८ सितम्बर को नक्शा प्रदर्शित हुई, उसके एक हफ्ता पहले संजय दत्त की मुन्ना सीरीज की दूसरी फिल्म १ सितम्बर को प्रदर्शित हुई ही थी। लगे रहो मुन्ना भाई को दर्शकों की पसंदगी मिल रही थी।  निर्माता कहते हैं कि उनकी फिल्म संजय दत्त की फिल्म की वजह से अच्छी नहीं गई। 





नक्शा की असफलता ने, सनी देओल और विवेक ओबेरॉय, दोनों के ही करियर को हानि पहुंचाई।  सनी देओल की बाद में प्रदर्शित तीसरी आँख और बिग ब्रदर असफल हुई।  उन्हें अपने ने बचा लिया।  

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