Tuesday, 12 March 2019

झुग्गी के छात्रों की मदद करते हैं ‘गली बॉय’ के मोइन उर्फ विजय वर्मा


हाल ही में रिलीज़ हुई सुपरहिट फिल्म 'गली बॉय' में बेहद टैलेंटेड एक्टर विजय वर्मा, उर्फ मोईन भाई ने दिल को छू लेने वाला परफॉर्मेंस दिया और दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स ने भी उनकी काफी तारीफ की। FTII के ग्रैजुएट इस एक्टर ने फिल्म में मोइन का मल्टी-लेयर्ड किरदार निभाया, जो एक कार चोर, ड्रग पेडलर और मैकेनिक होने के अलावा रणवीर सिंह का करीबी दोस्त एवं काफी नरम दिल इंसान भी है, जो बेसहारा बच्चों की देखभाल करता है। इस फिल्म में विजय को अलग-अलग तरह के इमोशंस दिखाने का मौका मिला, जिसमें वह लाखों की संख्या में अपने नए और पुराने फैन्स के दिलों को 100% जीतने में कामयाब रहे। इतना ही नहीं, विजय असल जिंदगी में एक एनजीओ से भी जुड़े हैं और इसकी मदद से वह सुविधाओं से वंचित बच्चों का दिल जीतने में भी कामयाब रहे।


रील लाइफ में विजय का किरदार मोईन गली के बेसहारा बच्चों को सहारा देता है, उनकी जरूरतों का ख्याल रखता है और इस फिल्म में नेगेटिव कैरेक्टर के बावजूद वह उन बच्चों की परवाह करता है। असल जिंदगी में भी विजय मुंबई के एक एनजीओ, एंजल एक्सप्रेस फाउंडेशन से जुड़े हैं। यह एनजीओ झुग्गी बस्तियों में स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए मुफ्त में ट्यूशन की व्यवस्था करता है, साथ ही उन्हें पढ़ाई-लिखाई में आगे बढ़ने के लिए उचित सलाह दी जाती है और सही रास्ता दिखाया जाता है। जब विजय को यह मालूम हुआ कि ऐसे कुछ बच्चे 'गली बॉय' फिल्म देखना चाहते हैं, तो उन्होंने तुरंत ही इन बच्चों के लिए फिल्म देखने की व्यवस्था की। उन्होंने मुंबई के सबअर्बन इलाके के एक फिल्म थियेटर में एनजीओ के बच्चों के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की और बच्चों के साथ फिल्म देखी। 



विजय कहते हैं, "इन बच्चों को स्क्रीनिंग के लिए ले जाने का अनुभव काफी मजेदार और इंस्पायरिंग था, क्योंकि मैंने बच्चों के साथ फ़िल्म में काम करने से जुड़े अपने किस्से साझा किए। मैंने उन्हें बताया कि मैं कहाँ से आया हूँ, और बदलाव लाने के लिए डिटरमिनेशन, तथा अधिक सीखने एवं अपने काम पर अमल करने के लिए पूरी डिटरमिनेशन की मदद से किस तरह मैंने अपने सपने को पूरा किया। मैंने बिना किसी सहारे और मदद के एक्टर बनने के अपने सपने का लगातार पीछा किया। मैं केवल अपनी कहानी उनके साथ साझा करना चाहता था। लेकिन इन बच्चों एवं बच्चियों से भी मुझे काफी कुछ सीखने को मिला, और इन बच्चों ने मुझे काफी इंस्पायर किया।"    

कलंक का ट्रेलर - क्लिक करें 

कलंक का ट्रेलर

नवाज़ुद्दीन का फोटोग्राफर के लिए था पहला ऑडिशन


रितेश बत्रा की फ़िल्म "फोटोग्राफ" इस महीने के मध्यम में रिलीज होने के लिए तैयार है। फ़िल्म के ट्रेलर, पोस्टर और अब तक रिलीज हुए कंटेंट ने फ़िल्म के प्रति दर्शकों की रुचि बढ़ा दी है। तो वही प्रशंसक सान्या और नवाज़ की जोड़ी को पहली बार एक साथ बड़े पर्दे पर देखने के लिए उत्सुक है। 

आप को शायद ही पता होगा की नवाज़ ने उनके शुरवाती दिनों में बहुत छोटेबड़े किरदार निभाए थे , जिसके लिए कई बार ऑडिशन देना पड़ा कई बार सेलेक्ट हुए तो कई बार रिजेक्ट भी हुए। जब नवाज़ ने पहली बार किसी ऑडिशन के लिए फोटो खिचवाए और कई जगह उन्होंने वह फोटो भेजे थे।  वह फोटो देख कर नवाज़ को एक फोटोग्राफर के किरदार लिए बुलाया गया था, लेकिन उस समय नवाज़ का चयन  उस फोटोग्राफर के किरदार के लिए नहीं हुआ था।  नवाज़ ने यह वाकया हालही  में हुए एक इवेंट में बयां की किस तरह वह उनकी अच्छी फोटो के बदौलत ऑडिशन तक तो पहुंचे पर सेलेक्शन नहीं हुआ।

दिलचस्प बात है की नवाज़ तब फोटोग्राफर बनते बनते रह गए थे लेकिन फिल्म फोटोग्राफ ने उन्हें रील लाइफ में फोटोग्राफर बना ही दिया।


मुम्बई की धारावी की पृष्ठभूमि में स्थापित फ़िल्म में नवाज़ एक फ़ोटोग्राफ़र का किरदार निभाते हुए नज़र आएंगे और सान्या मल्होत्रा फ़िल्म में एक अंतर्मुखी कॉलेज गर्ल की भूमिका निभाते हुए दिखाई देंगी जो अपनी पढ़ाई में अव्वल है।

पुरस्कार विजेता निर्देशक की इस आगामी फिल्म का प्रतिष्ठित सनडांस फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर किया गया था और हाल ही में बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित की गई थी।


रितेश बत्रा द्वारा लिखित और निर्देशित, फ़ोटोग्राफ़ को अमेज़ॅन स्टडियस द्वारा द मैच फैक्ट्री के साथ मिलकर प्रस्तुत किया गया है और यह फ़िल्म इस शुक्रवार रिलीज़ हो रही है। 


अनीस बज्मी की पागलपंथी के वाईफाई अनिल कपूर- क्लिक करें 

अनीस बज्मी की पागलपंथी के वाईफाई अनिल कपूर


कॉमेडी में, अनिल कपूर की पागलपंथी देखने के काबिल होती है। रेस फ्रैंचाइज़ी जैसी गंभीर या एक्शन फिल्मों में, वह हलके फुल्के क्षणों में दर्शकों को लोटपोट कर देते हैं। खालिस हास्य फिल्मों में उनकी टाइमिंग देखने लायक होती है। दर्शकों को, वेलकम और वेलकम बैक का मजनूं आज भी भुलाये नहीं भूलता। नो एंट्री में, बिपाशा बासु के किरदार पर लाइन मारते किशन की शर्मिंदगी उस समय हास्य पैदा करती है, जब वह अपनी बीवी के द्वारा रंगे हाथ पकड़े जाते हैं। कहने का मतलब यह कि मुबारकां का करतार सिंह हो या हालिया फिल्म टोटल धमाल का अविनाश, अनिल कपूर बेमिसाल हैं।



अनीस बज्मी के वाईफाई
यही कारण है कि इस उम्र में भी उन्हें हास्य नायक के तौर पर लिया जाता है।  इस समय उनकी फिल्म पागलपंथी की शूटिंग लीड्स इंग्लैंड में चल रही है।  फिल्म में उनका किरदार वाईफाई का है। इस किरदार का नाम सुन कर ही, दर्शक अनिल कपूर की वाईफाई पकड़ का अंदाज़ा लगा रहे हैं।

बढ़िया टाइमिंग्स के लिए अनिल कपूर
अनिल कपूर की कॉमिक टाइमिंगस का तकाज़ा है कि वह और पागलपंथी के निर्देशक अनीस बज़्मी ११वी बार एक साथ हैं।  अनीस बज़्मी की फिल्मों में हास्य की टाइमिंग, परिहास और संवादों के पंच दर्शकों के दिलो दिमाग पर कब्ज़ा कर लेते हैं।  अनिल कपूर को इसकी अच्छी समझ है।  इसलिए, वह अनीस बज़्मी की फिल्मों को तत्काल हाँ कर देते हैं और खुद अनीस भी अनिल कपूर को लेना पसंद करते हैं।



इंद्रकुमार और डेविड धवन के भी पसंदीदा
ऐसा नहीं कि अनिल कपूर अनीस बज़्मी के ही पसंदीदा हैं।  इंद्रकुमार को भी अनिल कपूर का धमाल पसंद है।  इसीलिए उन्होंने अपने बेटा एक्टर को अजय देवगन की मौजूदगी मे भी धमाल टीम में शामिल किया।  डेविड धवन की तमाम फिल्मों के नायक अनिल कपूर बनाये गए।

वेलकम ३ और ४ में भी अनिल कपूर
अब वेलकम सीरीज की सुगबुगाहट है।  इस सीरीज के तहत फ़िरोज़ नाडियाडवाला दो फ़िल्में बनाना चाहते हैं।  वेलकम ३ और ४ में नाना पाटेकर होंगे या नहीं, लेकिन अनिल कपूर का नाम तय है।  अनिल कपूर और फ़िरोज़ नाडियाडवाला का ३३ साल का साथ हैं। फ़िरोज़ की  फिल्म सोने पे सुहागा में पहली बार अनिल कपूर को शामिल किया गया था। 

INDIAN FANS REJOICE – JOE RUSSO TO VISIT INDIA- क्लिक करें 

INDIAN FANS REJOICE – JOE RUSSO TO VISIT INDIA


Come April 1st and 2nd  - Joe Russo, one half of the famed 'Russo Brothers' directorial duo of the most anticipated movie Avengers: Endgame will be coming to Mumbai to engage with the Indian fans

Over the last ten years, India undoubtedly has emerged as one of the largest base for Marvel fans; with an unprecedented response and craze pouring in for their favourite Super Heroes! Thanks to their fanaticism, 2018 saw Avengers: Infinity War grab the top spot as the highest Hollywood grosser of all time in the country. And now with the much-anticipated Avengers: Endgame releasing on April 26; Indian fans, along with the world, have been holding on to their breath; eagerly awaiting to witness the grand conclusion!

With Thanos wiping 50% of the population including some of the most loved Super Heroes with just a snap; fans have been bracing themselves for an unexpected ending. The conversations around the movie haven’t stopped since the release of Avengers: Infinity War and Indian fans, as always, have been in the forefront; bringing their own versions and theories to the plot of the film.

All this love and appreciation for the movies; hasn’t gone unnoticed by the guys at Marvel and now to celebrate the success of Avengers: Infinity War and to engage exclusively with the Indian fans on the upcoming Avengers: Endgame; one of the makers of the super action drama is visiting India!

Joe Russo, one half of the Russo brothers– who are behind some of the unparalleled Marvel blockbuster such as films Captain America: The Winter Soldier, Captain America: Civil War, Avengers: Infinity War, and now Avengers: Endgame - has chosen India as his first destination as a part of their Avengers: Endgame promotion tour in Asia Pacific region.

He will be in Mumbai in the month of April. Indian fans have a reason to rejoice as they will now get a once-in-a-lifetime opportunity to be a part of this epic spectacle and be among the first in the world to engage with the director  before the movie hits the theaters.

"I am absolutely thrilled with the passionate response Avengers: Infinity War received in India, and cannot wait for you to see Avengers: Endgame. Thank you for embracing these movies. I am excited to be coming to India and eager to meet our Indian fans very soon”, said Joe Russo.


Avengers: Endgame releases on 26th April on English, Hindi, Tamil and Telugu.

ओरिजिनल स्टारकास्ट के बनाई जाए हिंदी में विक्रम-वेधा !- क्लिक करें 

ओरिजिनल स्टारकास्ट के बनाई जाए हिंदी में विक्रम-वेधा !



तमिल फिल्म विक्रम-वेधा को हिंदी में बनाने के अधिकार निर्माता-निदेशक नीरज पांडेय के पास हैं।  अपराध थ्रिलर फिल्म विक्रम-वेधा के निर्माण में ११ करोड़ खर्च हुए थे  तथा फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ६० करोड़ का बड़ा कारोबार किया था।  इस फिल्म के हिंदी रीमेक को, खुद विक्रम-वेधा के निर्माता भी बनाना चाहते थे।  लेकिन, अब यह अधिकार नीरज पांडेय के पास हैं।  नीरज पांडेय ने अ वेडनेसडे, बेबी और स्पेशल २६ जैसी बढ़िया थ्रिलर फ़िल्में बनाई हैं।  थ्रिलर की समझ उनसे ज़्यादा किसी दूसरे डायरेक्टर को कहाँ हो सकती है।  लेकिन, वह इस फिल्म के हिंदी रीमेक को मूल फिल्म की निर्देशक जोड़ी पुष्कर-गायत्री से बनवाना चाहते थे।  इसके बावजूद अब वह खुद फिल्म का निर्देशन करेंगे। क्या विक्रम-वेधा का हिंदी रीमेक मूल निर्देशक और कलाकारों के साथ नहीं होना चाहिए ?


विक्रम-वेधा को, फिल्म की निर्देशक जोड़ी पुष्कर और गायत्री ने खुद मणिकंदन के साथ लिखा था।  यही काऱण था कि विक्रम-वेताल की कहानी और जवाब की शैली में बनी यह फिल्म प्रभावशाली बन पड़ी थी।  यह जोड़ी इसे हिंदी लेखकों की मदद से, हिंदी में भी बना सकती थी।  मगर, फिल्म के लिए हीरो चुने गए शाहरुख़ खान नहीं चाहते थे कि मूल फिल्म के निर्देशक इसे बनाये।  इसलिए, हिंदी विक्रम-वेधा का निर्देशन अब नीरज पांडेय को करना होगा।


फिल्म में पुलिस अधिकारी विक्रम और अपराधी वेधा की भूमिकाय आर माधवन और विजय सेतुपति ने की थी।  इस फिल्म को हिंदी में डब कर भी रिलीज़ किया गया था।  दोनों दर्शकों को प्रभावित कर पाने में कामयाब हुए थे।  खबर है कि फिल्म के तीन मुख्य सितारे आर माधवन, विजय सेतुपति और श्रद्धा श्रीनाथ हिंदी में भी अपनी अपनी भूमिकाये करने को उत्सुक थे।  लेकिन, नीरज पांडेय को ऐसा लगता है कि दक्षिण के यह तीन सितारे हिंदी बेल्ट में इतने बिकाऊ नहीं है।


यह सोचा जाना कि माधवन, विजय सेतुपति और श्रद्धा श्रीनाथ हिंदी रीमेक के उपयुक्त नहीं, ठीक नहीं लगता है।  माधवन ने रहना है तेरे दिल में, रंग दे बसंती, गुरु, १३ बी, ३ इडियट्स, तनु वेड्स मनु और तनु  वेड्स मनु रिटर्न्स जैसी बड़ी हिट फ़िल्में की हैं।  हिंदी दर्शक उन्हें बहुत अच्छी तरह से पहचानता और पसंद करता है।  तभी तो उन्हें लेकर तीन भाषाएँ में फिल्म रॉकेट्री: द नम्बि इफेक्ट बनाई जा रही है।  वह विक्रम की भूमिका में पसंद किये जाते।


विक्रम-वेधा के अपराधी वेधा की भूमिका करने वाले विजय सेतुपति ने अभी तक कोई हिंदी फिल्म नहीं की है।  लेकिन, डब फिल्मों के ज़रिये हिंदी दर्शक उन्हें अच्छी तरह से  पहचानता है।  वह पावरफुल एक्टर हैं। किसी भी किरदार में घुलमिल जाते हैं।  अब तो हिंदी दर्शकों के दिलों में, दक्षिण के एक्टर को लेकर पहले वाला भाव नहीं रहा।  जहाँ तक श्रद्धा श्रीनाथ की बात है, वह तिग्मांशु धुलिया की फिल्म मिलन  टॉकीज से हिंदी फिल्म डेब्यू कर रही हैं।  इससे साबित होता है कि उनकी हिंदी बेल्ट में स्वीकार्यता है। 


फिलहाल की खबर है कि विक्रम-वेधा के हिंदी रीमेक में,  शाहरुख़ खान पुलिस अधिकारी विक्रम की भूमिका करने के बजाय अपराधी वेधा की भूमिका करना चाहते हैं।  विक्रम की भूमिका के लिए किये एक्टर  के अलावा दूसरी महत्वपूर्ण स्टार कास्ट का चुनाव भी होना है।  तो  इंतज़ार कीजिये आगे के ऐलानों का।


दिनेश विजन की हॉरर कॉमेडी रूह अफज़ा - क्लिक करें 

दिनेश विजन की हॉरर कॉमेडी रूह अफज़ा


फिल्म स्त्री की सफलता के बादनिर्माता दिनेश विजनहॉरर फिल्मों को लेकर उत्साहित हैं।  दरअसल,यह कहना ज़्यादा ठीक होगा कि दिनेश विजन हॉरर यूनिवर्स बनाना चाहते हैं। ठीक हॉलीवुड की मार्वल सिनेमेटिक यूनिवर्स की सुपरहीरो फिल्मों की तरह !

आत्मा को बेचैन करने वाली रूह अफज़ा
इसके लिए दिनेश विजनअपनी हिट फिल्म स्त्री के एक्टर राजकुमार राव के साथ एक हॉरर फिल्म रूह अफज़ा का निर्माण करेंगे। खुशबू से भरा तन-मन को ठंडा कर देने वाला पेय पदार्थ किसी आत्मा को बेचैन कर सकता अपनी फिल्म रूफ अफज़ा सेदिनेश विजन यही साबित करना चाहते हैं। इस फिल्म का निर्देशन फुकरे और फुकरे रिटर्न्स जैसी सफल फिल्मों के निर्देशक मृगदीप सिंह कर रहे है।

दुल्हन की खुशबू से बेचैन भूत
स्त्री में जहाँ एक महिला भूतमर्दों को डराया करती थीवहीँ रूह अफ़ज़ा एक पुरुष भूत की कहानी होगीजो अपनी दुल्हन की सेज की खुशबू से बेचैन हो उठता है।

हॉरर फिल्मों की रूह अफज़ा और मुन्झा  
हॉरर कॉमेडी फिल्म रूह अफज़ा के बाददिनेश विजन का इरादा हॉरर फिल्मों की श्रंखला बनाने का है। रूह अफज़ा के बादउनकी दूसरी फिल्म भी एक हॉरर कॉमेडी फिल्म होगी। इस फिल्म का नाम मुन्झा होगा। यह फिल्म रूह अफज़ा की सीक्वल फिल्म होगी। यह तमाम फ़िल्में एक दूसरी को क्रॉस करेंगी।  जहाँमुंझा में स्त्री का अंत शुरुआत में नज़र आएगावही रूह अफ़ज़ा दोनों फिल्मों में संतुलन साधती नज़र आएगी

सीक्वल फिल्मों की सीरीज
दिनेश विजन का इरादा कम से कम तीन हॉरर कॉमेडी सीरीज फ़िल्में विकसित करने का है। वह स्त्री २ का निर्माण भी करेंगे। लेकिनयह फिल्म रूह अफज़ा और मुंझा के बाद फ्लोर पर जायेगी। इसके बाद रूह अफज़ा २ बनेगी और बाद में मुन्झा २ भी।



२०२२ तक हॉरर कॉमेडी सीक्वल
यह सिलसिला २०२२ तक चलेगा।  इस साल के आखिर तक रूह अफ़ज़ा रिलीज़ हो जाएगी। २०२० में मुंझा रिलीज़ होगी।  २०२१ में स्त्री २ और इसी साल बाद में रूह अफ़ज़ा २ रिलीज़ होगी।  २०२२ में मुंझा २ की रिलीज़ के साथ हॉरर फिल्मों का यह एकल सिलसिला ख़त्म हो जाएगाफिर जुड़ने के लिए।

२०२३ में ख़त्म होगा सिलसिला !
२०२३ में यह सभी हॉरर कॉमेडी फ़िल्में एक दूसरी को क्रॉस करेंगी। इस हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स की समाप्ति दो हिस्सों में होंगी।  प्रत्येक हिस्से की तीन श्रृंखलाएं बनाई जाएंगी। यह सब कुछ यानि स्त्रीमुंझा और रूह अफ़ज़ा का क्रॉसओवर होगा। 


मैं अपनी जान जोखिम में डाल रहा हूं : विद्युत जामवाल- क्लिक करें 

मैं अपनी जान जोखिम में डाल रहा हूं : विद्युत जामवाल


अपने आश्चर्यजनक स्टंट्स और अद्वितीय मूव्स के लिए जाने जाने वाले एक्शन स्टार विद्युत जामवाल ने फिल्म जंगली में चुनौतीपूर्ण दृश्यों को एक अगले स्तर पर पहुँचा दिया है।

फिल्म में शानदार हाथियों के साथ स्क्रीन साझा करने वाले इस अभिनेता ने अपने मासूमियत भरे दिमाग और अंतर्निहित प्रवृत्तियों के साथ अत्यंत ही चुनौतीपूर्ण दृश्य प्रस्तुत कर क्रू मेंबर्स को हिलाकर रख दिया।

फिल्म के एक दृश्य में, विद्युत का किरदार अपने हाथी दोस्तों के साथ दौड़ लगाने वाला था, जिसके लिए उन्हें अपने दोस्त भोला हाथी के साथ भागना था, जबकि अन्य हाथियों के झुंड को उनके पीछे भागना था। हालांकि, चीजें योजना के अनुसार नहीं चल रही थीं। चूँकि हाथी अपनी गति से चलते हैं और जरूरी नहीं कि वे कैमरे का अनुसरण करें, इसलिए विद्युत बारबार फ्रेम से बाहर चले जा रहे थे।

हालांकि एक जैसे ही दो टेक होने के बाद, तीसरे टेक के लिए विद्युत ने झुंड के बगल से दौड़ लगाकर उन्हें पकड़ने की बजाय झुंड के बीच में दौड़ने का फैसला किया। हालांकि इस दौरान उन्हें झुंड के चारों ओर काफी चतुराई के साथ गणनात्मक तरीके और गति से दौड़ना पड़ता था। 


विद्युत कहते हैं कि इस सीन के मुताबिक उन्हें भोला और अन्य हाथियों के साथ दौड़ लगानी थी, लेकिन सब कुछ सही नहीं हो पा रहा था, क्योंकि हाथी सीधे नहीं चल रहे थे। कुछ टेक के बाद वे समझ गए कि काम को पूरा करने के लिए, उन्हें हाथियों के बीच भागना होगा। वे कहते हैं - इसके बाद किसी खतरे के बारे में सोचे बिना मैंने यह निर्णय ले लिया। उस वक्त मुझे ऐसा महसूस हुआ, जैसे मेरे आस-पास का पूरा माहौल मुझमें समा गया है। विद्युत ने कहा - मैंने जो कुछ किया वह मेरी मूल प्रवृत्ति थी और दूसरी तरफ अपना रास्ता तलाशने के लिए मैंने अपना ध्यान सारी चीजों पर केन्द्रीत किया।

उच्च जोखिम वाले यह सीन इस मायने में काफी खतरनाक हो जाते हैं, जब शानदार, शक्तिशाली और विशालकाय शरीर वाले जानवर दौड़ रहे हों। इस सीन ने पूरे क्रू मेंबर्स को भी भयभीत कर दिया!

विद्युत बताते हैं कि हाथी एक अतुलनीय जीव हैं और जब वे झुंड में चलते हैं, तो कुछ भी और कोई भी उनके रास्ते में खड़ा नहीं हो सकता है। इस दौरान वे अपने दिल की धड़कन और हाथियों के झुंड के दौड़ने से उत्पन्न होने वाले ध्वनि पैटर्न के मुताबिक ही अपना काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैसे ही वे झुंड के अंदर गये, तो पाया कि दो हाथियों के बीच काफी कम जगह थी, और उसके बीच से ही धीरे-धीरे गुजरकर काफी सावधानी और मुश्किल से यह शॉट पूरा किया जा सका। 

फैमिली एडवेंचर जंगली अब २९ मार्च को रिलीज़ होगी।

राष्ट्रीय सहारा १० मार्च २०१९ - क्लिक करें 

राष्ट्रीय सहारा १० मार्च २०१९

Monday, 11 March 2019

सितारा बहुल फिल्म कलंक की एक झलक

सुमीत सहगल और फरहीन की बेटी सायेशा की शादी

मिल्खा सिंह और सुनील गावस्कर ने देखी मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर


राकेश ओमप्रकाश मेहरा की सामाजिक मुद्दे पर आधारित आगामी ड्रामा फिल्म मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर अपनी रिलीज से पहले ही वाहवाही बटोर रही है। चंडीगढ़ में आयोजित की गई फ़िल्म की विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर मिल्का सिंह, सुनील गावस्कर, संजय मांजरेकर, कार्तिक मुरली और किरन खेर फिल्म पर अपने प्यार की बौछार करते हुए नज़र आये।

 निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ इंडियन स्प्रिंटर मिल्खा सिंह अपनी बायोपिक पर एक साथ काम करने के बाद स्नेहभरा रिश्ता साझा करते है। स्पोर्ट्स स्टार और निर्देशक के बीच विशेष दोस्ती के कारण, राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने भारत के फ्लाइंग सिख और उनके सम्पूर्ण परिवार के लिए एक विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया था।

मिल्खा सिंह ने साझा किया फिल्म का आईडिया बहुत ही भावुक और दिल को छू लेने वाला है। राकेश मेहरा मेरे पसंदीदा निर्देशक हैं और जिस तरह से उन्होंने एक फिल्म में कहानी को दर्शाया वह शानदार है, बिल्कुल रंग दे बसंती और भाग मिल्खा भाग की तरह जो एक ब्लॉकबस्टर हिट साबित हुई थी और दर्शकों द्वार खूब पसंद की गई थी। इसी तरह से मैं चाहता हूं और आशा करता हूं कि लोग उसी तरह का प्यार और स्वीकृति फ़िल्म मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर को दें जिसकी यह फ़िल्म हक़दार है। ” 

चंडीगढ़ में स्पेशल स्क्रीनिंग में मौजूद अभिनेत्री किरण खेर को यह फिल्म बहुत पसंद आई जिसे देख कर वह भावुक भी हो गयी थी। वही, क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कार्तिक मुरली और संजय मांजरेकर के साथ इस लाजवाब फ़िल्म का आनंद लिया।


सुनील गावस्कर ने कहा, "यह एक बहुत ही प्यारी फिल्म है। सभी ने वास्तव में अच्छा अभिनय किया है, खासकर बच्चे - ओम ने। उन्होंने मेरा दिल जीत लिया है। फिल्म के जरिये शौचालय होने की आवश्यकता के बारे में एक महान और महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है। हमें कभी भी मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का एहसास नहीं हुआ है .. और मुझे वास्तव में उम्मीद है कि यह फिल्म पूरे देश में संदेश देने में कामयाब होगी। हमारे देश में पहले से ही पिछले कई वर्षों से राष्ट्र में शौचालय का निर्माण हो रहा है .. और मैं चाहता हूं कि हमारे नागरिकों की पवित्रता और सुरक्षा के लिए फिल्म के संदेश के माध्यम से भी ऐसा ही हो। 

 इससे पहले, आध्यात्मिक लीडर सद्गुरु भी राकेश ओमप्रकाश मेहरा की प्रशंसा करते हुए नज़र आये, जब निर्देशक ने कोयम्बटूर में उनके लिए विशेष तौर पर फ़िल्म की स्क्रीनिंग आयोजन किया था।

 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री अंजलि पाटिल, मकरंद देशपांडे, रसिका अगाशे, सोनिया अल्बिज़ुरी और नचिकेत पूर्णापत्रे फ़िल्म में नज़र आएंगे। फिल्म का संगीत शंकर-एहसान-लॉय और लिरिक्स गुलजार द्वारा लिखे गए है।


डॉ. जयंतीलाल गडा (पेन) और पीवीआर सिनेमा प्रस्तुत करते है राकेश ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी फ़िल्म "मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर" इस शुक्रवार रिलीज़ हो रही हैं।


नो फ़ादर्स इन कश्मीर को UA सर्टिफिकेट - क्लिक करें 

नो फ़ादर्स इन कश्मीर को UA सर्टिफिकेट


लगभग एक महीने पहले, निर्देशक अश्विन कुमार को अपनी फिल्म नो फ़ादर्स इन कश्मीर को सर्टिफ़िकेट देने की प्रक्रिया में सही न्याय पाने के लिए भारत में फिल्मों के प्रमाणन के मामलों में आख़िरी फ़ैसला करनेवाली संस्था, एफसीएटी के सामने दूसरी बार अपनी फिल्म का प्रदर्शन करना पड़ा था। एक सेंसर सर्टिफ़िकेट पाने के लिए जुलाई २०१८ में फ़ाइल करने की जो सामान्य प्रक्रिया शुरू हुई थी, उसे पूरा करने और अपनी फ़िल्म को इंसाफ दिलाने के लिए फ़िल्म के निर्माताओं और कलाकारों को 8 महीने, 6 स्क्रीनिंग्स और 7 सुनवाईयों तक इंतज़ार करना पड़ा है। इस फिल्म के साथ कुछ ऐसा हुआ है जो शायद ही कभी होता है, जिसमें प्रमाणन के लिए देरी पर देरी होती रही और आख़िरकार इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया। अपनी फ़िल्म के विषय के आधार पर सीबीएफसी के द्वारा फ़िल्म को ए सर्टिफ़िकेट देने का फैसला फ़िल्म के निर्माताओं को ग़लत लगा और उस फ़ैसले को चुनौती देने के बाद, उन्होंने पहले नवंबर में एफसीएटी में अर्ज़ी दी जिसपर दिसंबर में और बाद में जनवरी में सुनवाई हुई थी। 


अब एफसीएटी ने दूसरी बार फ़िल्म को देखने के एक महीने के बाद इस फ़िल्म पर अपना आख़िरी फ़ैसला दे दिया है जिसमें फ़िल्म में कुछ काँट-छाँट करने और अस्वीकरण में कुछ बदलाव करने के लिए कहा गया है। हालाँकि सबसे अहम बात यह है कि एफसीएटी ने इस फ़िल्म को यू/ए सर्टिफ़िकेट देकर फ़िल्म के निर्माताओं द्वारा इस फ़िल्म को यू/ए कहे जाने के समर्थन की पुष्टि की है। हालाँकि यह फैसला अभी निर्माताओं के द्वारा अंतिम सर्टिफ़िकेट पाने के लिए सीबीएफ़सी को प्रस्तुत करने पर टिका है, जिसका उन्हें पूरा भरोसा है कि बोर्ड ख़ुशी से इस फ़िल्म को पास कर देगी। पेश आनेवाली इस दिक्कत की असली वजह थी फिल्म के लिए की गई देरी थी जो सीबीएफसी के नियमों के खिलाफ थी, जिसने फिल्म को देखने से इंकार कर दिया था और फ़िल्म को देखने के बाद अपने फैसले को रोके रखा और अक्टूबर में उसे ए सर्टिफिकेट दिया गया जबकि यह फ़िल्म अंग प्रदर्शन, घृणा, हिंसा, ख़ून-ख़राबे या इन जैसी ए स्तर की किसी भी बात को बढ़ावा नहीं दे रही थी। 



इस फ़िल्म में सोनी राजदान, अंशुमान झा और कुलभूषण खरबंदा हैं और १६ साल के दो क़िरदारों की प्रेम कहानी के बारे में है जो घाटी में लापता हो गए अपने-अपने पिता की तलाश करते हैं।


ऑस्कर अवार्ड विजेता फिल्म पीरियड. एंड ऑफ़ सेंटेन्स की टीम - क्लिक करें 

ऑस्कर अवार्ड विजेता फिल्म पीरियड. एंड ऑफ़ सेंटेन्स की टीम