Thursday, 10 December 2015

आखरी बार प्रस्तुत होगा 70 एमएम कल्चर फिल्म द हेटफुल एट' के ज़रिए

ऑस्कर विजेता निर्देशक 'क्वेंटिन टारनटिनो' द्वारा लिखित और निर्देशित फ़िल्म 'द हेटफुल एट' को प्रायोगिक फिल्म कहा जा सकता है।  क्योंकि, इस फ़िल्म को ७० ऍम ऍम फ़िल्म प्रोजेक्शन तकनीक पर शूट किया गया है। जो लुप्त हुए इस खूबसूरत कल्चर को ज़िंदा करने का एक बेहद संजीदा प्रयास है।यह फ़िल्म उन पाश्चात्य फिल्मों की उस प्रथा की तरह है जिसमे वह पले बढे हैं। सिविल वॉर के चलते व्योमिंग की प्रष्ठभूमि में गुथी यह फ़िल्म ऐसे इनामी शिकारियों की कहानी है जो एक बहुत बड़ी साजिश में फंस जाते हैं।
हाल ही में एक बातचीत में सैमुअल एल जैक्सन ने इस फ़िल्म की मेकिंग के बारे में बातचीत की, " द हेटफुल एट 70 ऍम ऍम पर शूट की गयी है,जो हमें 50 और 60 के दशक की फिल्मों के दौर में ले जाती है जैसे कि ओखलम और बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर शोले।" क्वेंटिन टारनटिनो ने भी 70 ऍम ऍम को चुने जाने का कारण हमारे साथ साझा किया, " मैं इस फ़िल्म के द्वारा उस पुरानी कहावत को तोडना चाहता हूँ जो यह कहती है कि 70 ऍम ऍम सिनेमा सिर्फ यात्रा विवरण के लिए है' जो कहती है कि यह तकनीक सिर्फ लॉरेंस ऑफ़ अरेबिया, पहाडी द्रश्यों और रेगिस्तानों द्रश्यों को ही शूट करने के लिए है।इन सारी कही सुनी बातों पर मेरा सिर्फ एक ही जबाब है।'नहीं'।जब आप बन्द जगहों पर भी 70 ऍम ऍम से शूट करते हो तो द्रश्य ज़्यादा अंतरंग नज़र आते हैं।पहले से कही ज़्यादा जीवंत और संजीदे।यह तकनीक सिर्फ सीनरी को शूट करने के लिए नहीं है बल्कि इससे बड़ी बड़ी फ़िल्मी सीक्वेंस शूट की जा सकती हैं।" निर्देशक टारनटिनो और सैमुअल जैक्सन की ज़बरदस्त जोड़ी, जानदार कहानी और 70mm पर एक निश्चित अल्ट्रा वाइड अनुपात इस फ़िल्म को देखने योग्य बनाता है। यह फ़िल्म पीवीआर पिक्चर्स द्वारा 15 जनवरी 2016 को भारत में रिलीज होने को पुरी तरह तैयार है।

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