तापसी पन्नू साऊथ फिल्म इंडस्ट्री का जाना माना नाम है जिनकी अधिकतर फ़िल्में हिट हुई हैं. फिलहाल उनकी हालिया फिल्म ने पुरूष प्रधान साऊथ फिल्म इंडस्ट्री में पहली बार १०० करोड़ क्लब में अपनी उपस्थिति दर्ज़ करवाई है. गौरतलब है की तापसी की ज़िन्दगी इतनी हसीन नहीं थी जितनी की अब है. अपने करियर की शुरूआत में तापसी को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा था और इसकी वजह थी उनकी भाषा. मूल रूप से पंजाबी तापसी को सिर्फ पंजाबी और हिन्दी बोलनी आती थी सो ऐसे में वह पूरा पूरा दिन अपने डायलॉग याद करने में बिताती थी. साऊथ की भाषा ना जानने का सबसे अधिक दुःख उन्हें तब होता था जब वह कुछ भावनाओं को समझते हुए भी शब्दों के ज़रिये बयान नहीं कर पाती थीं. तभी तापसी ने फैसला किया की चाहे जो हो जाए वह भाषा सीखेंगी. मज़े की बात यह है की तब से लेकर अब तक तेलुगू भाषा पर तापसी ने ऐसी पकड़ बनाई की अब वह उस भाषा में पारंगत हो चुकी हैं. जी हाँ इस भाषा का उन्हें इतना अच्छा ज्ञान उन्हें है की वह इसे बड़ी ही खूबसूरती से बोलती भी हैं. जब उनसे उनकी इस बहुभाषीय कला के बारे में बात की गयी तो उन्होंने कहा, ''मैं हमेशा यही सोचती थी की अगर मैं इस भाषा को सीख जाऊं तो अपने दर्शकों से बेहतर रिश्ता कायम कर पाऊंगी. इससे मुझे वाकई काफी फ़ायदा मिला. फिलहाल मैं तमिल सीखना चाहती हूँ क्योंकि मैं अभी २ तमिल फिल्मों में काम कर रही हूँ".
भारतीय भाषाओँ हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी, आदि की फिल्मो के बारे में जानकारी आवश्यक क्यों है ? हॉलीवुड की फिल्मों का भी बड़ा प्रभाव है. उस पर डिजिटल माध्यम ने मनोरंजन की दुनिया में क्रांति ला दी है. इसलिए इन सब के बारे में जानना आवश्यक है. फिल्म ही फिल्म इन सब की जानकारी देने का ऐसा ही एक प्रयास है.
Thursday, 4 June 2015
बहुभाषी तापसी
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साउथ सिनेमा
मैं हिंदी भाषा में लिखता हूँ. मुझे लिखना बहुत पसंद है. विशेष रूप से हिंदी तथा भारतीय भाषाओँ की तथा हॉलीवुड की फिल्मों पर. टेलीविज़न पर, यदि कुछ विशेष हो. कविता कहानी कहना भी पसंद है.
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